घर की सीढ़ियाँ सिर्फ ऊपर जाने और नीचे आने का रास्ता नहीं होतीं। Vastu के अनुसार, इनका placement और movement घर के energy flow और जीवन की progress से भी जुड़ा माना जाता है।
इसीलिए घर में staircase बनाते समय केवल यह देखना पर्याप्त नहीं है कि “कहाँ जगह बच रही है?” बल्कि यह भी देखना ज़रूरी है कि “किस direction में progress का रास्ता बन रहा है?”
वास्तु के अनुसार staircase के लिए South और West को प्राथमिकता दी जाती है। वहीं North और East में staircase बनाने से सामान्यतः बचने की सलाह दी जाती है।
विशेष रूप से North-East (ईशान कोण) को हल्का, खुला और obstruction-free रखना बेहतर माना जाता है।
Staircase के नीचे मंदिर, toilet या भारी storage बनाने से बचें। इस स्थान को अनावश्यक रूप से भारी और अव्यवस्थित न रखें।
यह एक आम Vastu misconception है कि हर staircase का movement हमेशा clockwise होना चाहिए।
वास्तु में staircase का movement उसके zone और direction के अनुसार देखा जाता है।
इसलिए केवल “Clockwise Staircase” के नियम को हर घर पर लागू करना उचित नहीं है।
सीढ़ियाँ केवल घर में मंजिल नहीं बदलतीं—वास्तु की दृष्टि से उनका placement और movement घर के energy flow से भी जुड़ा माना जाता है।
इसलिए नया घर बनाते समय, renovation करते समय या staircase की planning करते समय केवल space-saving के आधार पर निर्णय न लें। Vastu Zone, direction और staircase movement का भी ध्यान रखें।
यदि आप अपने घर की staircase को लेकर unsure हैं, तो पूरे घर के Vastu Grid और zoning के आधार पर analysis करवाना अधिक उचित है।
Astrosahinta Divine Spaces में हम practical और बिना तोड़-फोड़ के Vastu guidance प्रदान करते हैं।